इस बार धान खरीदी में बदले पूरे नियम, दो एकड़ तक 1, दस एकड़ तक 2 और अधिक पर 3 टोकन की पात्रता
इस बार की धान खरीदी के लिए सरकार ने बेहद सख्त नियम बनाए हैं। रकबा रिक्त रहने पर गड़बड़ी की गुंजाइश बढ़ जाती है। इसलिए नियम में बदलाव किया गया है। एक टोकन में जितने रकबे के हिसाब से धान की मात्रा दर्ज होगी, उतना धान लेकर जाना होगा। धान कम हुआ तो वह अगले टोकन में नहीं जुड़ेगा, बल्कि लैप्स हो जाएगा। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को डिजिटली फुलप्रूफ बनाया जा रहा है।
इसके लिए रायपुर में उच्चस्तरीय बैठक भी हुई जिसमें धान उपार्जन के नए प्रावधानों से अवगत कराया गया। इस बार की धान खरीदी बायोमीट्रिक पर आधारित होगी। किसान का थम्ब या आइरिश से पहचान सत्यापित करने के बाद ही धान लिया जा सकेगा। यह रियल टाइम डाटाबेस में दर्ज होता जाएगा। ऐसा नहीं होगा कि खरीदी पहले हो जाए और एंट्री बाद में की जाए। उससे भी जरूरी टोकन व्यवस्था है। दो एकड़ तक भूमि के लिए एक टोकन, दस एकड़ तक अधिकतम दो टोकन और उससे अधिक रकबे पर तीन टोकन दिए जाएंगे।
एक टोकन में किसान धान की जितनी मात्रा दर्ज करेगा, उतना धान लेकर जाना होगा। कम धान लेकर गए तो आनुपातिक रूप से शेष रकबा कैरी फारवर्ड नहीं होगा, लैप्स हो जाएगा। उदाहरण के लिए यदि किसान ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से चार एकड़ का 84 क्विंटल का एक टोकन कटवाया। लेकिन विक्रय दिवस पर वह 63 क्विंटल धान लेकर पहुंचा तो शेष एक एकड़ का 21 क्विंटल लैप्स हो जाएगा। उस एक एकड़ पर वह दोबारा टोकन नहीं कटवा सकेगा।
गेट पास नहीं, पहचान के बिना धान नहीं
इस बार समितियों में किसान गेट पास नहीं होगा। दो टोकन होने पर 50-50 प्रश, तीन टोकन होने पर 33-33-34 प्रश धान का टोकन काटा जाएगा। यदि किसी किसान ने टोकन कटाया लेकिन धान नहीं ले जा सका तो अगले दिन टोकन डिलीट हो जाएगा। डिलीट हुए टोकन को दोबारा जारी कराने की छूट केवल एक ही बार मिलेगी। दूसरी बार टोकन डिलीट हुआ तो लैप्स हो जाएगा। मोबाइल एप से 70 प्रश और समिति से 30 प्रश टोकन जारी होंगे। बायोमीट्रिक और आइरिश से पहचान सुनिश्चित होगी।
एग्रीस्टैक से ही पंजीयन, खसरे में टिकमार्क
इस बार सरकार धान की रिसाइक्लिंग रोकने के लिए कड़े तेवर अपना रही है। एग्रीस्टैक से पंजीयन होने के कारण किसान का हर गांव का रकबा नजर आएगा। जिस रकबे का टोकन काटा जाएगा, उस पर टिक मार्क लग जाएगा। फिर दोबारा उस रकबे पर धान नहीं बिकेगा। यह सॉफ्टवेयर रायपुर से नियंत्रित होगा। इस बार कॉमन ग्रेड धान 2441 रुपए और ग्रेड ए धान 2461 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।
