
सरकारी निर्माण कार्यों में गौण खनिजों के इस्तेमाल के बाद रॉयल्टी क्लीयरेंस जरूरी होता है। रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र जमा करने के बाद ही ठेकेदार को पूरा भुगतान होता है। यही नियम है। सरकार ने रॉयल्टी क्लीयरेंस के नियम बदले थे। रॉयल्टी राशि, सभी करों के अलावा अतिरिक्त रॉयल्टी राशि काटी जाएगी जिसकी दरों की घोषणा की जा चुकी है। शासकीय और अद्र्धशासकीय विभागों में ठेकेदार के माध्यम से कराए जा रहे कामों को लेकर एक अहम बदलाव हुआ है। देखने में आया है कि ज्यादातर कामों में अवैध खनिजों का उपयोग हो रहा है। लेकिन रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रक्रिया में राजस्व कम आ रहा है।
अब तक नियम था कि ठेकेदार के भुगतान में से खनिजों के रॉयल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण उपकर, अधोसंरचना एवं विकास उपकर, एसएमईटी और अन्य करों के बराबर की राशि काटकर रखी जाती थी। रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर रोकी गई राशि का भुगतान होता था। लेकिन अब खनिज साधन विभाग ने इसमें बदलाव किया है। अब इतनी राशि के अलावा अतिरिक्त रूप से रॉयल्टी के बराबर की रकम काटी जाएगी। रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र लेने के बाद रोकी गई राशि का भुगतान होगा। हर जिले में बाजार मूल्य अलग-अलग है। रायगढ़ में खनिज विभाग ने 7 श्रेणियों में काटकर रखी जाने वाली राशि का निर्धारण किया है। गिट्टी के लिए 208 रुपए प्रति टन और रेत के लिए 334 रुपए प्रति घनमीटर कटौती होगी।
सभी विभागों को दिए आदेश
कलेक्टर ने कटौती की जाने वाली दरों की जानकारी सभी विभागों को भेजी है। ठेकेदार के भुगतान से राशि काटकर रखी जाएगी। खनिज विभाग में उपयोग किए गए खनिज की टीपी प्रस्तुत कर रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र लिया जाएगा। इसके बाद ही भुगतान किया जाना है। हालांकि कटौती दरों और बाजार मूल्य में दोगुने का अंतर है।
खनिज कटौती राशि
लाइमस्टोन 208.10 रुपए प्रति टन
डोलोमाइट 231.30 रुपए प्रति टन
साधारण पत्थर 330.85 रुपए प्रति घन मी.
रेत 334.22 रुपए प्रति घन मी.
मिट्टी/मुरुम 127.25 रुपए प्रति घन मी.
फ्लैग स्टोन 305.40 रुपए प्रति घन मी.
्रमिट्टी ईंट के लिए 127.25 रुपए घन मी.
